राजनीति

हो गया फैसला अब नही रहेगा महागठबंधन

बिहार में काम की गर्माहट हो न हो राजनीतिक गर्माहट लगभग हमेशा ही देखने को मिलती है। और यही गर्माहट कही न कही देश की राजनीति को गर्म रखने में खाश योगदान रखती है ।आप को बता दें कि पिछले कुछ दिनों से महागठबंधन अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रही है जिसे बचाने की हर संभव प्रयास राजद कर रही है लेकिन यह लड़ाई थमने का नाम ही नही ले रही और लालू प्रसाद यादव इस लड़ाई में हारते नज़र आ रहे हैं ।

मंगलवार की शाम उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बीच हुई बैठक के बाद ये कयास लगाया जा रहा था कि अब सबकुछ सामान्य हो जाएगा और राजद थोड़ी राहत की सांस लेगी लेकिन ये कयास धरे के धरे ही रह गया और इस बैठक से शायद राजद को फायदा होता नजर नही आ रहा है। इस बैठक के बाद जदयू नेताओं ने गठबंधन धर्म को हठ बंधन धर्म से बड़ा बताया तो इसके बाद कांग्रेस और राजद ने इसके खिलाफ मोर्चा ही खोल दिया ।

 इस से पहले शिवानंद तिवारी भी उगल चुके हैं आग

पूर्व सांसद शिवानंद तिवारी ने कुछ दिनों पहले नीतीश कुमार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा था कि नीतीश कुमार मुन्ना शुक्ला और सूरजभान जैसे नेताओं के आगे कुर्सी के लिए हाथ जोड़ते है उन्हें आज अपनी साफ सुथरी छवि की चिंता पड़ी है साथ ही उन्होंने ये भी आरोप लगाया कि उनके मौन का मतलब साफ है कि उनका बीजेपी से समझौता हो चुका है ।
उसके बाद जदयू प्रवक्ता ने पलटवार करते हुए कहा कि शिवानन्द तिवारी की राजनीति में अब कोई औकात नही है वो त्रिसंकु हो चुके हैं अब शिवानंद तिवारी मोक्ष के लिये राज्यसभा जाना चाहते हैं ।

तेजस्वी के समर्थन में कांग्रेस

महागठबंधन की एक पिलर यानी कांग्रेस पार्टी  काफी दिनों से कुछ भी बोलने से बचती नज़र आ रही थी तो अब इस पार्टी के सब्र का बांध टूटता नज़र आ रहा है और इसका ताजा उदाहरण दिलीप चौधरी ने दिया है उन्होंने कहा कि आखिर तेजस्वी यादव किस-किस को सफाई देते फिरे और उन्होंने गठबंधन का बचाओ करते हुए कहा तेजस्वी यादव और नीतीश कुमार के बैठक के बाद  गठबंधन पर से  संकट के बादल अब टल चुके है तो फिर जदयू किसे हठ धर्म बता रही है । साथ ही उन्होंने जदयू को संयमित बयान देने की नसीहत भी दे डाली ।इस से साफ होता नजर आ रहा है कि कांग्रेस अब तेजस्वी यादव के साथ खड़ी है ।

 

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Rahul Tiwari
युवा पत्रकार
http://nationfirst.co

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