देश राजनीति

गबन-करोड़ों का..

बिहार एक ऐसा राज्य है जो हमेशा अपने राजनीतिक कारणो से सुर्खियों में रहा है । सम्भवतः यह बिहार का सौभाग्य ही होगा। एक समय हुआ करता था जब बिहारी राजनेताओ का कार्य सम्पुर्ण देश मे बोलता था और बिहारी तो बिहारी अपितू सारा देश इन पर नाज करता था लेकिन आज चंद अपराधिक छवि वाले नेताओं के ‘गबन-करोड़ों का’  के किस्से के कारण बिहार की साफ सुथरी राजनीति पर प्रश्नचिन्ह लगना शुरु हो गया ।

एक समय था जब जयप्रकाश नारायण ने देश हित मे आंदोलन किया था और आज भी एक समय है की चंद नेता अपने पॉकेट हित मे आंदोलन कर रहे हैं बिहार मे लागातार हो रहे कभी चारा घोटाला तो कभी शिक्षा विभाग मे घोटाला तो कभी मिट्टी घोटाला इसका ताजा उदाहरण है और इस काम को अंजाम देने के लिए गुंडो का सहारा लिया जाता है। अगर चारा धोटाला की बात करें तो उसमे 360 करोड़ का घोटाला हुआ था जिस कारण राजनीति के धुरंधर लालु प्रसाद यादव को कोर्ट ने 11 सालों तक चुनाव लड़ने से मना कर दिया ।

वहीं अगर शिक्षा विभाग की बात की जाए तो यह एक ऐसा विभाग है जो देश के भविष्य का कारिगर होता है लेकिन जब कारिगर ही बिगड़ जाए तो देश के भविष्य  कारिगरों का उद्भव बिहार मे हो चुका है । ताजा मामलों पर नजर डालें तो हालहिं मे हुए टॉपर घोटाला तो आप को याद हीं होगा , अपने उत्तर पुस्तिका मे फिल्म के गाने और कविता लिखने वाली रुबी राय को एक मोटी रकम लेकर बिहार का टॉपर बाना दिया गया था हालाकि सरकार ने इस मामले की जांच करवाई और 40 से भी अधिक लोगों को जेल की हवा खिलाया ।

सबसे ताजा मामले पर नजर डाले तो मिट्टी धोटाला सामने आता है और इसमे भी लगभग 90 लाख रुपये के घोटाले की बात सामने आई और इस मामले की जांच चल रही है लेकिन सवाल ये है कि जब देश और राज्य की जनता के भविष्य को गढ़ने वाले कारिगर ही घोटाला करने लगे तो उस देश के जनता तक उनका हक कैसे पहुचेगा ? उनका भविष्य निर्माण कैसे होगा ?

और कब तक हम लोग ऐसे धुसखोड़ो को सत्ता पर काबिज करते रहेंगे ? हम बिहारीयों का दूर्भाग्य है कि हम अपनी सत्ता वैसे व्यक्ति के हाथों मे सौंप दते है जो हमारे लिए नहीं बल्कि अपने पॉकेट के लिए आंदोलन कर रहा है और इस आंदोलन मे वो बहुत हद तक सफल भी होता रहा है ।

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Rahul Tiwari

युवा पत्रकार

http://thenationfirst.in

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