राजनीति

तेजस्वी का जाना लगभग तय ,महागठबंधन पर भी लटक रही है तलवार

बिहार में गर्मी का पारा चढ़ने के साथ साथ वहां की राजनीतिक पारा भी खूब चढ़ा हुआ है और महा गठबंधन अपनी अंतिम सासें गिन रही है। पिछले कुछ दिनों से दोनों ही दलों में काफी गहमागहमी मची हुई है और बयानबाजियों का दौर भी जारी है आप को बता दें कि यह गहमागहमी तेजस्वी यादव के इस्तीफे को लेकर मची है ।

एक तरफ राजद के नेताओं और राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव का कहना है कि किसी भी सूरत में तेजस्वी यादव अपने उपमुख्यमंत्री पद से इस्तीफा नही देंगे साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि अगर तेजस्वी यादव से इस्तीफा लिया जाता है तो राजद के सभी विधायक अपने पद से इस्तीफा दे देंगे ।

तो दूसरी तरफ जदयू के विधायकों का कहना है कि तेजस्वी यादव को खुद ही इस्तीफा दे देना चाहिए क्योंकि उनपर FIR दर्ज हुआ है और ऐसे में उन्हें पद पर बने रहने का कोई हक नही है जब तक वो अपने आप को निर्दोष साबित ना कर दें ।जदयू के बयानों पर एन डी तिवारी ने चुटकी लेते हुए कहा कि नीतीश के अगल बगल हरिशचंद्र के औलाद हैं क्या ?

वहीं जदयू विधायकों का कहना है कि सरकार में क्रप्शन बिल्कुल बर्दास्त नही किया जाएगा और तेजस्वी यादव पर क्रप्शन का आरोप लगा है।

आप को बता दें कि जब से उनपर क्रप्शन काFIR दर्ज हुआ है तब से महागठबंधन पर भी तलवार लटक रही है । वही लालू प्रसाद यादव गठबंधन और अपने बेटे को बचने के लिए लगातार रणनीति बना रहे हैं तो सुशासन बाबू भी लगातार बैठके कर रहे हैं ।

और ऐसी ही एक आपात बैठक आज जदयू द्वारा किया जा रहा है जिसमे महागठबंधन और तेजस्वी यादव पर फैसला आ सकता है ऐसे में देखना दिलचस्प होगा कि क्या सुशासन बाबू गठबंधन को बचाने की कोई कोशिश करेंगे या फिर अपने दूसरे विकल्प बीजेपी के साथ जाने का रास्ता साफ करेंगे क्योंकि बीजेपी की तरफ से लगातार दिए जा रहे ऑफरों से यह साफ है कि बीजेपी बिहार में सरकार बनाने की पुरजोर कोशिश कर रही है तो क्या नीतीश कुमार अपने पुराने मित्र  बीजेपी के साथ एक बार फिर जाकर सरकार बनाने की पहल करेंगे ।

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Rahul Tiwari
युवा पत्रकार
http://thenationfirst.in

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