ऐसे ही मनोरंजन

जब राज कपूर के लिए सोने की चूड़ियां तक बेच दी थीं नर्गिस

बॉलीवुड में अगर शुरुआती दौर के कुछ दिग्गज अभिनेत्रियों का नाम लेने को कहा जाए तो नर्गिस का नाम सबसे पहले जहन में आता है । नर्गिस उन अभिनेत्रियों में से थी जो हिंदी और खासकर बॉलीवुड फिल्मों को काफ़ी ऊंचाइयां दी । वह राज्यसभा के लिए नॉमिनेट होने वाली और भारत सरकार की तरफ से मिलने वाली पद्म श्री पाने वाली पहली अभिनेत्री बनी । साथ ही 1968 में राष्ट्रीय फ़िल्म पुरस्कार पाने वाली पहली अभिनेत्री भी बनी । नर्गिस का जन्मदिन 1 जून को आता है। और आज है 1 जून… तो आइये बॉलीवुड की इस खूबसूरत अदाकारा के जन्मदिन के उपलक्ष्य में उनके जीवन के कुछ अनछुए पहलुओं को छूने की कोशिश करतें हैं

नर्गिस का जन्म 1 जून 1929 को पश्चिम बंगाल के कलकत्ता शहर में हुआ था।  पिता उत्तमचंद मोहनदास एक जाने-माने डॉक्टर थे। उनकी मां जद्दनबाई मशहूर नर्तक और गायिका थी। मां के कहने पर ही नर्गिस को फिल्मों में आना पड़ा। और उनके करियर की शुरुआत हुई फ़िल्म ‘तलाश-ए-हक’ से , जिसमें उन्होंने बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट काम किया। उस समय उनकी उम्र महज 6 साल की थी।

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राजकपूर के प्यार में नर्गिस

 

1940 से 1950 ये हिंदी सिनेमा का वो दौर था जब राज कपूर का बोलबाला था और नर्गिस ने इस दौर में कई बड़ी फिल्मों में काम किया । जैसे कि-बरसात, आवारा, दीदार और श्री 420। नर्गिस ने राज कपूर के साथ कुल 16 फ़िल्में की और इनमें से ज़्यादातर फ़िल्में बॉक्सऑफिस पर सफल रही । और इन फिल्मों में काम करने के दौरान राज कपूर और नर्गिस एक-दूसरे के काफी करीब आ गए और दोनों एक दूसरे के प्यार में गिरफ्त हो गएं और बाद में तो शादी तक का प्लान कर लिया था दोनों ने ।

कहा जाता है की नर्गिस राज कपूर के प्यार में इतनी पागल हो गई थी कि उन्होंने राज कपूर के लिए अपनी सोने की चूड़ियां तक बेच दी थी दरअसल ये समय था जब राज कपूर की स्टुडियो आर.के फ़िल्म्स घाटे में जा रही थी तब नर्गिस ने दूसरे निर्माताओं के फिल्मों में काम कर राज कपूर इस घाटे से उबारा था।

राजकपूर से ब्रेक-अप

 

लेकिन एक समय आया जब राज कपूर और नर्गिस दोनों अलग हो गए । 1954 वो वर्ष है जब दोनों के रास्तें अलग-अलग हो गएं। राजकपूर जब 1954 में मॉस्को गए तो अपने साथ नरगिस को भी ले गए। कहते हैं यहीं दोनों के बीच कुछ ग़लतफ़हमी हुई और दोनों के बीच इगो की तकरार इतनी बढ़ी कि वह यात्रा अधूरी छोड़कर नरगिस इंडिया लौट आईं। तो कई जगह यह भी कहा जाता है कि राज कपूर पहले से ही शादी-शुदा थे और जब नर्गिस ने राज कपूर साहब से पत्नी को डिवोर्स देने की बात चलाई तो राज कपूर ने पत्नी को डिवोर्स देने से साफ मना कर दिया और इस वजह से दोनों के रास्ते अलग हो गयें

नर्गिस और सुनील दत्त का सदाबहार प्यार

 

राज कपूर से अलग होने के ठीक एक साल बाद नर्गिस ने 1957 में महबूब ख़ान की फ़िल्म ‘मदर इंडिया’ की शूटिंग शुरू की। मदर इंडिया की शूटिंग के दौरान सेट पर आग लग गई। सुनील दत्त ने अपनी जान पर खेलकर नर्गिस को बचाया और दोनों में प्यार हो गया। मार्च, 1958 में दोनों की शादी हो गई। दोनों के तीन बच्चे हुए, संजय, प्रिया और नम्रता। अपनी किताब ‘द ट्रू लव स्टोरी ऑफ़ नरगिस एंड सुनील दत्त’ में नर्गिस कहती हैं कि राजकपूर से अलग होने के बाद वो आत्महत्या करने के बारे में सोचने लगी थीं। लेकिन, उन्हें सुनील दत्त मिल गए। जिन्होंने उन्हें संभाल लिया। नरगिस कहती हैं कि उन्होंने अपने और राज कपूर के बारे में सुनील दत्त को सब-कुछ बता दिया था। सुनील दत्त पर नरगिस को काफी भरोसा था और दुनिया जानती है यह जोड़ी ताउम्र साथ रही।

नर्गिस का सोशल सर्विस

 

नरगिस एक अभिनेत्री होने के साथ- साथ एक समाज सेविका भी थी । उन्होंने असहाय बच्चों के लिए काफी काम किया। उन्होंने अपने पति सुनील दत्त के साथ मिलकर ‘अजंता कला सांस्कृतिक दल’ बनाया जिसमें तब के नामी कलाकार-गायक सरहदों पर जा कर तैनात सैनिकों का हौसला बढ़ाते थे और उनका मनोरंजन करते थे।
इस मशहूर अभिनेत्री का निधन 2 मई 1981 को पनक्रेआटीक कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से हुआ । और उनके मौत के तीन बाद ही उनके बेटे संजय दत्त की डेब्यू फिल्म ‘रॉकी‘ रिलीज हुई । ‘रॉकी’ के प्रीमियर शो में इनके  लिए एक खाली कुर्शी छोड़ी गई।

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Praful Shandilya
Mr. Shandilya is a young journalist, columnist and and an artist . He is basically from Darbhanga, Bihar n currently living in New Delhi. After completing intermediate from Darbhanga he shifted to Patna for medical preparation but in the middle of preparation his interest changed his gear n then he shifted to Delhi for working in media industry.he worked for some times in TV news channel called Janta tv. And then he founded their own news venture The Nation First.
http://thenationfirst.in

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