कहानी

वीरान जिंदगी और हवस

जीया.. ओ जीया बेटा! खिड़की किवाड़ लगा जल्दी बाहर भयंकर तूफान आ रहा है लग रहा है आज का दिन भी घर मे ही काटना पड़ेगा साला मन तो करता है ये पहाड़ी इलाका छोड़ कही मैदानी भाग में अपना घर बसाए लेकिन मन करने से क्या होता है… और वह पलंग पर लेट जाता […]

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कहानी

कहानी: पुत्र रत्न (part – 2)

इस कहानी का पहला भाग पढने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें: पुत्र रत्न (part 1) इस कहानी में अब तक आप ने पढ़ा की कैसे यज्ञ में दी गई आहुति से काम देव प्रकट हुए और वरदान के बदले श्राप दे डाला और भृंग राज फूट फूट कर रोने लगा और अब आगे बेचारा भृंगराज […]

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कहानी

नकाबपोश

बाहर बारिश बहुत तेज हो रही थी सभी अपने अपने घरों में दुबके हुए थे ऐसा लग ही नहीं रहा था की इस बारिश  से कोई खुश हो शाम के वही 5-6 बजे होंगे पुरी सड़कें सन्नाटों से घिरा हुआ जैसे लग रहा था ये बारिश सुकून की नहीं बल्कि भय की बरसात हो तभी […]

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कहानी

पुत्र रत्न

एक बार ऋषि मेरे घर पधारे ऋषि तो ऋषि होतें है सो उन्होंने बोल दिया तेरे घर बेटा होवेगा लेकिन व संस्कारी + कुसंस्कारी दोनों गुण उन में मौजूद होवेगा बस इतना बोल के वह चुप हो गया ! वह सिर्फ कपड़ो से ऋषि लगता था देखने से तो वह बिलकुल पागल प्रतीत होता था […]

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इतिहास के पन्नों से कहानी देश

हिंदुस्तान का वो क्रांतिकारी जो अपने बुढ़ापे में भी अंग्रेजो के लिए काल बना

वैसे तो बिहार की धरती ने कई वीर योद्धाओं को जन्म दिया है लेकिन आज मैं एक ऐसे वीर योद्धा की बात कर रहा हुं जो हर मायने मे खास था जिसने अपने युद्ध कला से अंग्रजों के पसीने छुड़ा दिए . और ये कभी  अंग्रजों के हाथ नही आए । अंग्रेजों ने जब-जब इन्हें […]

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कहानी

रो परी थीं मां

। मां एक ऐसा शब्द है जिसके उच्चारण मात्र से ही मन को अपार शांति प्राप्त होती है जिस तरह से समंदर अपने आगोस मे सारे नदीयों को भर लेता है चाहे उनमे कितनी ही गंदगी क्यों ना हो उसी तरह से मां का हृदय भी होता है । अपनी सुख सुविधा को त्याग कर […]

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कहानी

महान योद्धा होते हुए भी अर्जुन असुरक्षा की भावना से घिरा रहा

महाभारत का एक अहम पात्र था अर्जुन , जिसमें बहुत सारी खूबियों के बावजूद एक असुरक्षा की भावना हमेशा रही। आखिर वह किस चीज से खुद को असुरक्षित महसूस करता था? मार्शल आर्ट्स की परीक्षा में उत्तीर्ण होने के लिए पांडवों और कौरवों को अपनी योग्यता का प्रदर्शन करना था ताकि वे नागरिकों के बीच […]

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