विचार

अम्बेडकर ने तंग आ कर छोड़ा था हिन्दू धर्म तो गांधी ने दिया था एक ‘यूनिक’ नाम

भारत एक ऐसा देश है जहां लोग अपनी पहचान एक भारतीय के रूप में न करा कर पहले अपनी जाति से खुद की पहचान को दर्शाते हैं भले हीं वो डायरेक्ट रूप से सामने वाले कि जाति न पूछें लेकिन इनडाइरेक्ट रूप से सामने वाले कि जाति ज़रूर जानना चाहते हैं और अगर सामने वाला […]

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विचार

आखिर कभी तो सुधरेगी भारतीय रेलवे

भारतीय ट्रेनें समय से चल रही हैं। पटरियाँ काफी दुरूस्त हो गई हैं। बिहार से दिल्ली जानें में मात्र पाँच घंटे लगते हैं। रेलवे स्टेशन शॉपिंग माल की तरह चमक रहे हैं। सारे स्टेशन पर अनलिमिटेड फ्री वाईफाई है। यात्रा से कुछ घंटे पहले भी टिकट आसानी से मिल जा रहा है। रेलवे के राजस्व […]

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देश राजनीति विचार

राजनीतिक उबाल और बिहार से युवाओ का पलायन

बिहार केवल एक ऐसा राज्य बनकर रह गया है जहां सिर्फ सत्ता मे बने रहने के लिए अब राजनीति होती है और विकास तो जैसे सिर्फ यहां के युवाओं के सपनो मे आती हो और राजनीतज्ञों के विकास मॉडल  पर नजर आती है शायद यह बिमारी बिहार को ऐसे जकड़ चुकी की है मानो वहां […]

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जुर्म विचार

भारत की एक ऐसी प्रथा जिसके कारण रोज कई महिलाएं मौत को गले लगाती है

भारत एक ऐसा देश है जहां धर्म, संस्कृति और रीति-रिवाज का सबसे ज्यादा ख्याल रखा जाता है और इस रीति-रिवाज को नीभाने के चक्कर मे भारतीय समाज मे कुछ ऐसा हो जाता है जो इस समाज के लिए कई बार घातक सिद्ध होता है और फिर हम हाय तौबा करते रह जाते हैं और यह […]

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विचार

वक़्त आ गया है अब नौजवानों को साफ़-साफ़ कहना होगा, देश प्रेम की प्रबल धार में हर मन को बहना होगा

आजाद भारत के आजाद लेखक के कलम से:- मित्रों, हमें आरामदेह ज़िंदगी की कुछ ऐसी आदत हो गई है कि हम अपनी ज़िंदगी के इतर देखना ही नहीं चाहते। हमें इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि जिस समय हम अपने एयरकंडीशनर के तापमान को अपनी सुविधानुसार घटा-बढ़ा रहे हैं ठीक उसी समय हमारे […]

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खेल देश विचार

स्मृति, सुषमा और एकता: महिला क्रिकेट की ‘नई’ सनसनी

क्रिकेट की चैंपियंस ट्रॉफी खत्म हो चुकी थी, भारत का वेस्टइंडीज दौरा शुरू होनेवाला था| लेकिन इन सबसे अलग एक और बड़ा टूर्नामेंट शुरू हो रहा था, जिसपर शायद हीं किसी का ध्यान गया|जिसका ध्यान गया भी, उसनें अपनी नजरें तिरछी कर ली क्योंकि यह महिलाओं का विश्वकप था| महिला क्रिकेट में ब्रॉडकास्टर्स को वो […]

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राजनीति विचार

आज का नारा मै दलित हूँ  मै दलित हूँ

आज का नारा मै दलित हूँ  मै दलित हूँ  , जी हां आज के राजनीति मे दलित होना अधिक फायदेमंद है क्योंकि सारे पार्टी चाहे वो सत्ताधारी हो या फिर विपक्ष बस यही चिल्ला रही है कि हमारे पास दलित है, तो हमारे पास दलित है और चिल्लायें भी क्यों ना इनके हिसाब से दलित […]

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