इतिहास के पन्नों से जरा हट के

डॉ एपीजे अब्दुल कलाम के जीवन की ये दुर्लभ कहानियां किसी का दिल जीतने के लिए काफी नही बहुत काफी है

डॉ  एपीजे अब्दुल कलाम भारत के 11 वें राष्ट्रपति. विनम्रता और उदारता के धनी. जमीन से जूड़े व्यक्ति, विद्यार्थियों से खास लगाव,और पढ़ाना खास हॉबी। इतना विनम्र और उदारवादी राष्ट्रपति मैंने आज तक नही देखा और ना ही सुना । और इसीलिए कलाम साहब को मैं युगपुरुष कहता हूँ जो हर एक युग मे केवल […]

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इतिहास के पन्नों से

बंगाल विभाजन मात्र विभाजन नहीं बल्कि इस काम को अंजाम देने का एक बहाना था

भारत मे अंग्रेज आए तो थे व्यापारी बनकर लेकिन देखते ही देखते भारत को कब उन्होंने अपने अधीन कर लिय़ा पता ही नही चला और समय के साथ वो अपना पैर पसारते चले गए इसके पीछे इनकी एक नीति जो रामवाण की तरह था वो था फुट डालो राज करो की नीति । उस समय […]

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इतिहास के पन्नों से

जब खुद के पार्टी अध्यक्ष ने ही खोल कर रख दिया था कांग्रेस का काला चिट्ठा

जब भारत अपनी आजादी की लड़ाई लड़ रहा था तो उस समय कई छोटी-छोटी क्षेत्रीय पार्टी भी भारत को एक स्वतंत्र देश बनाने के लिए अथक प्रयास कर रहे था । उसी समय 1885 मे भारत मे कांग्रेस पार्टी की स्थापना की गई कांग्रेस की स्थापना एलन अम्टेवियम ह्यूम ने की थी । कहा जाता […]

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इतिहास के पन्नों से

अगर ऐसा नहीं होता तो क्या चौरीचौरा आंदोलन बदल सकता था आजादी का इतिहास

देश का एक ऐसा व्यक्ति जिसने हमेशा अहिंसा के मार्ग पर चलने का प्रयत्न किया वो इस लिए क्योकी उनका मानना था कि अगर भारत को आजादी दिलानी है तो उसके लिए एक मात्र रास्ता है अहिंसा । जिस पर अगर पूरा देश चले तो हमें आजादी ज़रूर मिलेगी । उस समय कुछ ऐसे भी […]

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इतिहास के पन्नों से

जलियांवाला बाग हत्याकांड के लिए इस व्यक्ति को 30 हजार पौंड से किया गया था सम्मानित

जब आजादी की आग में सम्पूर्ण भारत जल रहा था तो प्रथम विश्व युद्ध देश की जनता में अंग्रेजों के खिलाफ आक्रोश और उनमें सकारात्मक ऊर्जा भड़ने का काम बखूबी निभाया था । अब लोगों के मुख पर एक ही शब्द थे कि मुझे किसी भी कीमत पर आजादी चाहिए और इसी आग को हवा […]

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इतिहास के पन्नों से

जब नेहरू ने ठुकरा दिया था गाँधी का ये प्रस्ताव

जब भारत अपनी आजादी की लड़ाई लड़ रहा था तब उसने कई ऐसे वीर योद्धा और सकारात्मक ऊर्जा से भरे नेताओं को खोया जिन्होंने देश की आजादी के लिए खुद को कुर्बान कर दिया लेकिन जब जिन्ना ने भारत विभाजन की मांग कर अलग पाकिस्तान बनाने की मांग पहली बार किया तो मानो ऐसा लग […]

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इतिहास के पन्नों से

जब पहली बार सुभाष चन्द्र बोस को पुकारा गया था इस मुस्लिम नाम से

जब भारत अंग्रेजी हुकूमत का गुलाम था तो उस समय कई ऐसे क्रांतिकारी थे जो अपने-अपने तरीकों से भारत को स्वतंत्र करने की कोशिश कर रहे थे । उन्ही स्वतंत्रता सेनानियों में महात्मा गांधी और सुभाष चंद्र बोस का नाम भी शुमार है । लेकिन अगर इन दोनों नेताओं के आपसी संबंधों की बात करें […]

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