इतिहास के पन्नों से

एक ऐसा भारतीय जिसके नाम दर्ज है यह असाधारण रिकॉर्ड

भाषण देना और भाषण सुनना दोनों ही आम बात नही है और यह हर किसी के बस की बात भी नही है । भाषण वही दे सकता है जिसमें अपार जानकारियां समाहित हो धैर्य हो और सबसे बड़ी बात जनता को अपनी बातों से बांध कर रख सके जनता को ज़रा सा भी ऊबन महसूस […]

160 total views, no views today

इतिहास के पन्नों से जरा हट के

डॉ एपीजे अब्दुल कलाम के जीवन की ये दुर्लभ कहानियां किसी का दिल जीतने के लिए काफी नही बहुत काफी है

डॉ  एपीजे अब्दुल कलाम भारत के 11 वें राष्ट्रपति. विनम्रता और उदारता के धनी. जमीन से जूड़े व्यक्ति, विद्यार्थियों से खास लगाव,और पढ़ाना खास हॉबी। इतना विनम्र और उदारवादी राष्ट्रपति मैंने आज तक नही देखा और ना ही सुना । और इसीलिए कलाम साहब को मैं युगपुरुष कहता हूँ जो हर एक युग मे केवल […]

231 total views, no views today

इतिहास के पन्नों से

और यहीं से उठने लगा था पाकिस्तान बनाने की आग

भारत मे अंग्रेज आए तो थे व्यापारी बनकर लेकिन देखते ही देखते भारत को कब उन्होंने अपने अधीन कर लिय़ा पता ही नही चला और समय के साथ वो अपना पैर पसारते चले गए इसके पीछे इनकी एक नीति जो रामवाण की तरह था वो था फुट डालो राज करो की नीति । उस समय […]

389 total views, no views today

इतिहास के पन्नों से

जब खुद के पार्टी अध्यक्ष ने ही खोल कर रख दिया था कांग्रेस का काला चिट्ठा

जब भारत अपनी आजादी की लड़ाई लड़ रहा था तो उस समय कई छोटी-छोटी क्षेत्रीय पार्टी भी भारत को एक स्वतंत्र देश बनाने के लिए अथक प्रयास कर रहे था । उसी समय 1885 मे भारत मे कांग्रेस पार्टी की स्थापना की गई कांग्रेस की स्थापना एलन अम्टेवियम ह्यूम ने की थी । कहा जाता […]

296 total views, 1 views today

इतिहास के पन्नों से

अगर ऐसा नहीं होता तो क्या चौरीचौरा आंदोलन बदल सकता था आजादी का इतिहास

देश का एक ऐसा व्यक्ति जिसने हमेशा अहिंसा के मार्ग पर चलने का प्रयत्न किया वो इस लिए क्योकी उनका मानना था कि अगर भारत को आजादी दिलानी है तो उसके लिए एक मात्र रास्ता है अहिंसा । जिस पर अगर पूरा देश चले तो हमें आजादी ज़रूर मिलेगी । उस समय कुछ ऐसे भी […]

393 total views, no views today

इतिहास के पन्नों से

जलियांवाला बाग हत्याकांड के लिए इस व्यक्ति को 30 हजार पौंड से किया गया था सम्मानित

जब आजादी की आग में सम्पूर्ण भारत जल रहा था तो प्रथम विश्व युद्ध देश की जनता में अंग्रेजों के खिलाफ आक्रोश और उनमें सकारात्मक ऊर्जा भड़ने का काम बखूबी निभाया था । अब लोगों के मुख पर एक ही शब्द थे कि मुझे किसी भी कीमत पर आजादी चाहिए और इसी आग को हवा […]

1,204 total views, 2 views today

इतिहास के पन्नों से

जब नेहरू ने ठुकरा दिया था गाँधी का ये प्रस्ताव

जब भारत अपनी आजादी की लड़ाई लड़ रहा था तब उसने कई ऐसे वीर योद्धा और सकारात्मक ऊर्जा से भरे नेताओं को खोया जिन्होंने देश की आजादी के लिए खुद को कुर्बान कर दिया लेकिन जब जिन्ना ने भारत विभाजन की मांग कर अलग पाकिस्तान बनाने की मांग पहली बार किया तो मानो ऐसा लग […]

178 total views, 1 views today