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IPL2018: तीन बार फाइनल तक पहुँची ‘आरसीबी’ को पहली बार ट्रॉफी जीतनें की उम्मीद

आईपीएल की अबतक की सबसे बदनसीब टीम अगर कोई है , तो वह है रॉयल चैलेंजर्स बेंगलूर. 2008 से 2017 तक 10 साल में कई सूरमा आये,और कई चले भी गए, लेकिन अगर कुछ नहीं बदली तो वह थी आरसीबी की किस्मत.यह टीम 2009 में डेक्कन चार्जर्स से हारी जबकि 2011 में चेन्नई से, और 2016 में हैदराबाद सनराइजर्स से एक बार फिर मात खानी पड़ी । 2010 और 2015 में भी नॉकआउट तक पहुँचनें के बावजूद मंजिल पानें से पहले हीं उसकी साँस टूट गई. जीत के मुहाने पर खड़ी आरसीबी को कभी बैटिंग नें धोखा दिया तो कभी बॉलिंग नें. अगर इस टीम को आईपीएल की ‘चोकर्स’ कहा जाए, तो शायद हीं किसी को दिक्कत हो. राहुल द्रविड़, केविन पीटरसन, अनिल कुंबले और फिर विराट कोहली ।

अबतक चार कप्तान हुए हैं लेकिन आईपीएल ट्रॉफी के नाम पर सबके हाथ खाली है. आईपीएल में एक पारी में सबसे ज्यादा(263) और सबसे कम रनों(49) का रिकार्ड भी इसी टीम के नाम है. शुरूआती सीजन में इस टीम के साथ कुंबले, जहीर, प्रवीण कुमार, डेल स्टेन, नाथन ब्रेकन जैसे गेंदबाज थे, लेकिन वे आरसीबी को मंजिल नहीं दिला पाए । 2011 से 2017 तक जिस टीम के बैटिंग लाइनअप में दुनिया के तीन सबसे विस्फोटक बैट्समैन क्रिस गेल, विराट कोहली और डिविलियर्स हों,फिर भी एक ट्रॉफी हाथ में नहीं आई, इसे बदनसीबी नहीं तो और क्या कहेंगे. लेकिन फिर पता चलता है कि क्रिकेट को टीम गेम क्यों कहा जाता है. जब भी ये तीनों फेल हुए, आरसीबी का निचला क्रम ताश की पत्तों की तरह ढ़ह गया. और जब बात गेंदबाजी पर आकर रूकती है तो शायद आरसीबी के बॉलिंग के साथ कोई अपशकुन हीं लगता है ।

टीम नें दसों सीजन में हमेशा बदलाव किया, बेहतर से बेहतर गेंदबाज का चुनाव किया. शेन वॉटसन, मिचेल स्टार्क, एडम मिल्नें, सैमुअल बद्री से लेकर वरूण आरोन, प्रवीण कुमार जैसा बड़ा से बड़ा गेंदबाज भी आरसीबी के कश्ती को मंझधार से बाहर नहीं निकाल पा़या. टीम के बॉलिंग विभाग में निरंतरता की कमी रही, जब एक सफल होता तो दूसरा फेल. शायद इसी वजह से 2018 की आईपीएल नीलामी में आरसीबी नें बडे़ गेंदबाज लेने के बजाय युवा बॉलर्स पर ज्यादा भरोसा किया. अनिकेत चौधरी, नवदीप सैनी, कुलवंत खेजरोलिया, मुरूगन अश्विन जैसे देशी बॉलर्स के साथ टीम साउदी, वोक्स, ग्रैंडहोम को चुना जो बैटिंग में भी हाथ खोल सकते हैं ।

बैटिंग में इस बार क्रिस गेल नहीं है लेकिन उनके जगह पर ब्रेंडन मैकुलम जैसा बम फटनें को तैयार है, क्विंटन डि कॉक, पार्थिव पटेल जैसे दो तेजतर्रार विकेटकीपर बैट्समैन है. देखना दिलचस्प है कि इनमें से किसे प्लेइंग 11 का टिकट मिलता है.. विराट और डिविलियर्स तीसरे और चौथे नंबर पर उतरनें को तैयार हैं. लेकिन पहले चार नंबर के बाद टीम को संभालनें वाला कोई दमदार चेहरा नहीं है. टी20 में अंतिम ओवरों में फिनिशर की भूमिका बेहद अहम है ।

लेकिन आरसीबी के पास फिनिश करनें वाला कोई भरोसेमंद नाम न होना कप्तान कोहली और टीम मैनेजमेंट के लिए चिंता की बात है. सरफराज खान, मंदीप सिंह, मनन वोहरा ये तीन नाम घरेलू सर्किट से हैं जिनमें केवल एक की जगह संभव है. सरफराज को रिटेन किया गया है इसलिए उनके चांसेज ज्यादा हैं.अगर टीम मैनेजमेंट, ओपनिंग में ब्रेंडन मैकुलम या डिकॉक में से किसी को नहीं रखता, जिसकी संभावना बेहद कम है, फिर मनदीप या वोहरा को जगह मिल सकती है।

इसके अलावा ऑलराउंडर या फिनिशर के लिए वोक्स, ग्रैंडहोम, मोईन अली, कोरी एंडरसन के बीच रेस है. ग्रैंडहोम का हालिया प्रदर्शन उन्हें सभी पर तरजीह दिला सकता है. वाशिंगटन सुंदर नें अपनें स्पिन का लोहा एक हीं सीरीज में मनवा लिया. वे ऐसे स्पिनर हैं जो 1 से 20 ओवर के बीच कोई भी ओवर फेंक सकते हैं, रन देनें में कंजूसी बहुत करते हैं, साथ हीं विकेट भी टपकाते हैं. लेफ्ट आर्मर सुंदर के साथी हैं लेग स्पिनर युजवेंद्र चहल. भारतीय क्रिकेट टीम के गेंदबाजी का एक पिलर, अब वह अपनी टीम आरसीबी के लिए फिर से वही काम करते आएँगे, जिसनें उन्हें इतना फेमस कराया है ।

तेज गेंदबाजी में टिम साउदी हीं ऐसे बॉलर दिख रहे हैं जो पावरप्ले और डेथ ओवरों में अच्छी गेंदे डाल सकते हैं. उमेश यादव, मोहम्मद सिराज, अनिकेत चौधरी और नवदीप सैनी में से कोई दो पेसर खेलते दिखेंगे, लेकिन इनमें से कोई भी डेथ ओवरों का स्पेशलिस्ट नहीं है. कोच डेनियल विटोरी के दिमाग में कोई न कोई मंत्र चल रहा होगा. अगर एक स्पिनर ज्यादा खेलाना पड़ता है तो लेग स्पिनर मुरुगन अश्विन बेहतरीन विकल्प हैं. 2013 में विराट कोहली के कप्तानी संभालनें के बाद से टीम नें कई उतार चढ़ाव देखे हैं. लेकिन इस बार विराट कोहली, डिविलियर्स की टीम आरसीबी से फैंस को उम्मीद है कि खाली पड़े झोले में इस बार ट्रॉफी गिरेगी.

संभावित एकादश:

ब्रेंडन मैकुलम/डिकॉक, पार्थिव पटेल, विराट कोहली, एबी डीविलियर्स, सरफराज खान/मनदीप सिंह, कोलिन डी ग्रांडहोम/कोरी एंडरसन, टिम साउदी/क्रिस वोक्स, वाशिंगटन सुंदर, युजवेंद्र चहल, उमेश यादव, मोहम्मद सिराज/अनिकेत/मुरूगन अश्विन

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Ankush M Thakur
Alrounder, A pure Indian, Young Journalist, Sports lover, Sports and political commentator
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