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IPL 2018: बिना वार्नर के सनराइजर्स का सूरज उदय को तैयार

2012 में हैदराबाद की पुरानी फ्रेंचाइजी डेक्कन चार्जर्स को वितीय गड़बड़ी के कारण आईपीएल से निकाल दिया गया. इसी साल बोली में नई टीम को कलानिधि मारन की सन टीवी नें खरीद लिया.और फिर नाम रखा गया गया सनराइजर्स हैदराबाद. टीम को 2013 में पहला आईपीएल खेलनें को मिला. नाम के अनुसार पहले हीं सीजन मे टीम का सूरज चमक रहा था. हैदराबाद संगकारा और व्हाइट के नेतृत्व में प्लेऑफ तक पहुँचनें में कामयाबी हुई.

2014 में शुरूआती दस मैचों में टीम की कप्तानी शिखर धवन नें की, उसके बाद डैरेन सैमी नें, सनराइजर्स अंकतालिका में 6ठे नंबर पर रहा. 2015 के सीजन से पहले हीं डेविड वार्नर को कप्तान की जिम्मेदारी मिली. लेकिन वार्नर का कप्तान के रूप में पहला सीजन बेहद खराब रहा, हैदराबाद की टीम एक बार फिर 6ठे नंबर पर रही. 2016 में भी विशेषज्ञों नें एसआरएच को खिताब जीत का दावेदार नहीं माना लेकिन इस बार वार्नर और उनके साथी ट्रॉफी के लिए कुछ भी कर गुजरनें को तैयार थे.

जिस सीजन का पर्पल कैप और ऑरेज कैप एक हीं टीम के पास हो, वह टीम अपनें आप खिताब की दावेदार हो जाती है. कप्तान वार्नर और तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार नें बैटिंग और बॉलिंग में जबर्दस्त प्रदर्शन करके टीम को न केवल फाइनल तक पहुँचाया, बल्कि रॉयल चैलेंजर्स बेंगलूर को फाइनल में हराकर पहली बार आईपीएल ट्रॉफी जीती. वार्नर को सबसे ज्यादा रन बनानें के लिए ऑरेंज कैप और भुवी को सबसे ज्यादा विकेट लेनें के लिए पर्पल कैप मिला.

2017 में खिताब की रक्षा कर रही सनराइजर्स प्लेऑफ में हारकर बाहर हो गई..पाँच सालों के एक छोटे से सफर में टीम नें एक खिताब जीता है जबकि दो बार प्लेऑफ तक पहुँचने में कामयाब रही. इस सफलता में योगदान टीम के सपोर्ट स्टाफ का भी रहा है. टॉम मूडी, वीवीएस लक्षमण, मुरलीधरन जैसे कूल माइंड कोच और मेंटर हों तो टीम से ऐसे प्रदर्शन की उम्मीद होती हीं हैं.

2018 के आईपीएल नीलामी के बाद यह मानने वालों की कमी नहीं है कि सनराइजर्स हैदराबाद नें सबसे मजबूत टीम खरीदी है. इस बार बेहद सटीक योजना के साथ उतरी एसआरएच नें हर विभाग में अच्छे खिलाड़ियों को चुना है. सबसे खास बात यह है कि टीम में एक जगह के लिए कई ऑप्शन है. हालांकि सीजन शुरू होनें से पहले हीं टीम को तगड़ा झटका लग चुका है. बॉल टेंपरिंग विवाद में फँसनें के बाद डेविड वार्नर को बैन किया जा चुका है.

पूर्व क्रिकेटर आकाश चोपड़ा के इस बात से वार्नर के महत्व का अंदाजा लगाया जा सकता है जिसमें उन्होनें कहा था ‘वार्नर के बिना सनराइजर्य वैसी हीं हैं जैसे बिना हाथ, पैर का शरीर’… केन विलियमसन को नया कप्तान बनाया गया है जो वार्नर के बिल्कुल अलग हैं, शांत दिमाग के क्लासिकल प्लेयर विलियमसन पर एसआरएच की टीम को उम्मीदों के अनुरूप प्रदर्शन करानें का दबाव होगा. टीम में शिखर धवन हैं, जो बेहतरीन फॉर्म में चल रहे हैं. मनीष पांडे, युसुफ पठान,रिद्धिमान साहा मिडिल ऑर्डर के बड़े नाम हैं.

ऑल राउंडर में शाकिब अल हसन, मोहम्मद नबी, कार्लोस ब्रेथवेट,क्रिस जॉर्डन और दीपक हुड्डा के रूप में दमदार चेहरे हैं. स्पिन में लेग स्पिनर राशिद खान का नाम किसी परिचय का मोहताज नहीं है, जहाँ विपुल शर्मा उनका साथ देंगे. बात अगर तेज गेंदबाजी की हो तो भुवनेश्वर कुमार उस आक्रमण को लीड कर रहे हैं जिसमें संदीप, बासिल, खलील, सिद्धार्थ कॉल जैसे युवा भारतीय पेसर मौजूद हैं. बिली स्टानलेक के रूप में फास्ट बॉलर का एक और ऑप्शन मौजूद है. एलेक्स हेल्स ओपनिंग करनें के दावेदार हो सकते हैं ..

संभावित प्लेइंग इलेवन::- शिखर धवन, केन विलियमसन, मनीष पांडे, शाकिब अल हसन, रिद्धिमान साहा,दीपक हुड्डा/युसुफ पठान, मोहम्मद नबी/ब्रेथवेट, भुवनेश्वर कुमार, राशिद खान, सिद्धार्थ कॉल, बेसिल थंपी/संदीप शर्मा

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Ankush M Thakur
Alrounder, A pure Indian, Young Journalist, Sports lover, Sports and political commentator
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