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कभी आत्महत्या करने जा रहा था ये भारतीय क्रिकेटर, फिर जिंदगी ने ऐसे मारी यूटर्न

सवा सौ करोड़ की आबादी वाले इस देश भारत में क्रिकेटर बनना तो आम है। लेकिन क्रिकेटर के तौर पर उन 11 खिलाड़ियों में शामिल होकर नीली जर्सी में देश का प्रतिनिधित्व करना आपको खास नहीं बहुत खास बना देता है। क्योंकि सवा सौ करोड़ में वो 11 की लिस्ट में होना ही अपने आप में एक शानदार अनुभव है।

ऐसे में भारतीय टीम में कई खिलाड़ी आते-जाते रहते हैं लेकिन टिक वही पाते हैं जिसमें कुछ अलग कुछ नया करने का माद्दा होता है। इन खिलाड़ियों के जीवन में कई उतार चढ़ाव आते हैं, कभी इनको अपने फॉर्म की चिंता रहती है तो कभी टीम में जगह बनाने में असफल रहने की चिंता और इसी बीच कई बार वो ऐसे फैसले या कदम उठा लेते हैं जिसे किसी भी परिस्थिति में सही कदम नही ठहराया जा सकता।

जी हाँ.. और आज हम ऐसे ही एक भारतीय खिलाड़ी के साथ घटा एक वाक्या आपसे साझा करने जा रहे हैं जो टीम में सलेक्शन ना होने पर पूरी तरह से टूट चुका था। वह इस बात से इतना फ्रस्ट्रेट था कि उसके जहन में आत्महत्या के ख्याल तक आने लगे थे।

दरअसल हम बात कर रहे हैं भारतीय टीम के एकमात्र चाइनामैन गेंदबाज सुपर टैलेंटेड कुलदीप यादव की। अब आपके मन में चल रहा होगा कि आखिर ये चाइनामैन क्या होता है ? तो बता दूं कि जो बाएं हाथ का स्पिन गेंदबाज अपनी अंगुलियों के बजाय अपनी कलाइयों के सहारे गेंद को टर्न करवाता है उसे चाइनामैन गेंदबाज कहा जाता है।

खैर, मुद्दे पर आते हैं टीम में जगह बनाने में असफल कुलदीप के मन मे बार बार आत्महत्या का ख्याल आ रहा था । ये कुलदीप यादव के जिंदगी का वो दौर था जब वह महज 13-14 साल के थे। अपने पिता की क्रिकेट के प्रति चाहत की वजह से बचपन से ही क्रिकेट में दिल लगाने के वाबजूद कुलदीप यादव उस वक़्त यूपी के अंडर-15 टीम का हिस्सा नही बन पाए थे।

इसीलिए वह अपनी जिंदगी से हताश हो गए थे। जिंदगी से हताश गुस्से और चिड़चिड़ापन के उस वक्त में कुलदीप को आत्महत्या करने की सूझी लेकिन बाद में गुस्सा खत्म होने पर कुलदीप ने ठंडे दिमाग से सोच फिर से मेहनत करने की ठानी। और बाद में इसी मेहनत की बदौलत वह वर्ल्ड कप अंडर 19 टीम का हिस्सा बने फिर आईपीएल में कोलकाता नाइट राइडर्स की तरफ से खेला और अंततः वो घड़ी आ गयी जब उन्हें ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अपना अंतरराष्ट्रीय डेब्यू करने का सुनहरा मौका मिला । और उसी साल वेस्टइंडीज के खिलाफ हैट्रिक भी लिया।

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Praful Shandilya

Mr. Shandilya is a young journalist, columnist and and an artist . He is basically from Darbhanga, Bihar n currently living in New Delhi. After completing intermediate from Darbhanga he shifted to Patna for medical preparation but in the middle of preparation his interest changed his gear n then he shifted to Delhi for working in media industry.he worked for some times in TV news channel called Janta tv. And then he founded their own news venture The Nation First.

http://thenationfirst.in

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